अति द्रवित हुआ मन देखा जो मानव के अनेक दुखों को अति द्रवित हुआ मन देखा जो मानव के अनेक दुखों को
अपने आप को दूर रखना है बचाव ही इसका निवारण है इस बात को ध्यान में रखना है अपने आप को दूर रखना है बचाव ही इसका निवारण है इस बात को ध्यान में रखना है
कोरोना से डरना नहीं अब लड़ना है हमें । कोरोना से डरना नहीं अब लड़ना है हमें ।
कहते है ईश्वर के द्वार पर दुखों का निवारण होता है कहते है ईश्वर के द्वार पर दुखों का निवारण होता है
ज़िन्दगी का राज़ क्या है,क्या करेंगे जानकर क्यों मिला मानुष जनम, जब राज़ यह जाना नहीं। ज़िन्दगी का राज़ क्या है,क्या करेंगे जानकर क्यों मिला मानुष जनम, जब राज़ यह जाना नह...
पर अन्त में शुद्धता ही मेरा आधार मैं नदी हूँ, मैं कुछ प्रेम सी हूँ ! पर अन्त में शुद्धता ही मेरा आधार मैं नदी हूँ, मैं कुछ प्रेम सी हूँ !